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तुम्हें बस याद करता हूँ l ग़ज़ल

 

तुम्हें बस याद करता हूँ l

ग़ज़ल

मैं अपने गीत, ग़ज़लों में

तुम्हारा नाम लिखता हूँ

तुम्हारी याद में फिर मैं

सुहानी शाम लिखता हूँ

मेरे दिल की तुम धड़कन हो 

मुझे तुम यूँ समझ लेना

कि हो हर साँस में शामिल

तुम्हें बस याद करता हूँ l

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