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मोहब्बत का असर । ग़ज़ल

 

मोहब्बत का असर  ।

ग़ज़ल

 

मिलेगी जब उनसे नज़र धीरे धीरे

मोहब्बत का होगा असर धीरे धीरे

अभी मस्त हैं वह ख्यालों की धुन में

कभी इस चमन में कभी उस चमन में

नशा छायेगा जब मोहब्बत का मेरी

बिखर जायेंगी फिर ख्यालों में मेरे

चली आयेंगी फिर इधर धीरे धीरे

मोहब्बत का होगा असर धीरे धीरे

मिलेगी जब उनसे नज़र धीरे धीरे l

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