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तुम याद मुझको रखना । (गज़ल)

तुम याद मुझको रखना ।   (गज़ल)


पढ़ कर मेरी गज़ल को 

तुम याद मुझको रखना

गुमनाम हूँ मगर मैं 

पहचानती है दुनिया

हर बात में हमारी 

एक दर्द सा छिपा है

पढ़ कर मेरी गज़ल को 

अब जानती है दुनिया l

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